बॉलीवुड अभिनेता मुकुल देव नहीं रहे – जानिए पूरी सच्चाई मुकुल देव की मौत: एक बहुमुखी कलाकार को अंतिम विदाई भारतीय सिनेमा और टेलीविजन की दुनिया ने 23 मई 2025 को एक बहुमुखी कलाकार, मुकुल देव को हमेशा के लिए खो दिया। 54 वर्ष की उम्र में उनका निधन नई दिल्ली में हुआ, जहां वे कुछ समय से गंभीर रूप से बीमार थे और आईसीयू में भर्ती थे। उनके निधन की खबर ने फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों को गहरे शोक में डुबो दिया। मुकुल देव: एक बहुआयामी कलाकार मुकुल देव सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि एक प्रशिक्षित पायलट, एंकर, और कई भाषाओं में काम कर चुके एक शानदार कलाकार थे। 1996 में फिल्म दस्तक से बॉलीवुड में कदम रखने वाले मुकुल ने हिंदी के अलावा पंजाबी, तेलुगु, मलयालम, बंगाली और कन्नड़ फिल्मों में भी अपने अभिनय की छाप छोड़ी। उनकी फिल्मों में वजूद, कोहराम, यमला पगला दीवाना, सन ऑफ सरदार, और आर... राजकुमार जैसी हिट शामिल हैं। टीवी पर भी उन्होंने ‘ मुमकिन ’, ‘कहानी घर घर की’, और ‘फियर फैक्टर इंडिया’ जैसे शोज़ में अपने काम से पहचान बनाई। बीमारी और निधन बताया गया है कि मुकुल देव लंबे समय से स्वास्थ्य सं...
गर्मियों में मुर्गियों की मौत क्यों होती है? गर्मी में मुर्गियों की मौत: एक गंभीर समस्या गर्मी में मुर्गियों की मृत्यु और कीमतों में वृद्धि के कारण: एक विस्तृत जानकारी। परिचय गर्मी के मौसम में मुर्गी पालन उद्योग को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। तापमान में वृद्धि के साथ ही मुर्गियों की मृत्यु दर में अचानक वृद्धि देखी जाती है, जिसका सीधा प्रभाव बाजार में चिकन की कीमतों पर पड़ता है। इस ब्लॉग पोस्ट में हम विस्तार से जानेंगे कि क्यों गर्मी में मुर्गियां मरने लगती हैं और कैसे यह घटना बाजार में चिकन की कीमतों में वृद्धि का कारण बनती है। मुर्गियों पर गर्मी का प्रभाव मुर्गियां 37-38 डिग्री सेंटीग्रेड के तापमान तक सहज रहती हैं, लेकिन इससे अधिक तापमान उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है । जब तापमान 40-42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, तो मुर्गियों में निम्नलिखित समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं: 1. हीट स्ट्रोक (लू लगना) : मुर्गियों के शरीर का तापमान नियंत्रण तंत्र विफल हो जाता है, जिससे उनकी मृत्यु हो सकती है । 2. डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण ): गर्मी में मुर्गियों के शरीर से...